बुंदेलखंड में राहुल की खाट


बुंदेलखंड में राहुल की खाट


उत्तर प्रदेश में चुनावी चक्रव्यू का दौर चल रहा है । इसी दौर में कांग्रेस के राहुल गांधी रथ पर सवार होकर निकल पड़े । इस बार के चुनावी संग्राम में उन्होंने प्रशांत कुमार को अपना सारथी बनाया है । चुनावी रण में फतह हासिल करने के लिए बाकायदा शस्त्र और शास्त्र की खोज की गई । पीके के एक सदस्य ने झाबुआ की खाटला (खाट ) बैठक का जायजा लिया । इसके कारण और निवारण को समझा गया , जाटों की होने वाली पंचयात और खाट के उपयोग को समझा गया । इसके बाद एक चुनावी शस्त्र खाट अस्तिव में आया । और तय हुआ की उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी खाट सभा करेंगे । यही खाट लेकर वह बुंदेलखंड में भी आ गए , पर वे यह नहीं जानते थे की बुंदेलखंड में खाट सभा या खाट पंचायत नहीं होती थी । बुंदेलखंड में छत्रसाल के चबूतरे पर पंचायत लगती थी और उसी में समाज के निर्णय हो जाते थे ।

खैर खाट लेकर आ गए तो कोई बात नहीं । देवरिया से दिल्ली तक के 2500 किमी के सफर में ऐसे पड़ाव आते ही रहते हैं की कहीं सामाजिक फैसलों का तरीका कुछ और होता है तो कहीं कुछ और । पर अपने पीके भाई ने तय कर दिया तो उसे मानना गाँधी परिवार के प्रति निष्ठावान हर कांग्रेसी का कर्तव्य है । अब इतने बड़े उत्तर प्रदेश में हर जगह की लोक परम्पराओं को जानने समझने में अपना समय खराब तो नहीं करेंगे पी के भाई । पहले चुनाव मुद्दों पर लड़ा जाता था , उसी को ध्यान में रख रथ पर लिखवा दिया कर्जा माफ़ , बिजली बिल हाफ ।ये अलग बात है कि अब मुद्दे और देश से ज्यादा जातिवाद के समीकरण पर चुनाव लड़ा जाता है ।

राहुल जी को शायद यह समझाइस भी दी गई की अबकी बार देव स्थलों से दूरी नहीं रखना है । इस कारण जब राहुल गांधी ने बुंदेलखंड की धरा चित्रकूट पहुंचे तो कामदगिरि पहुंच कर सन्त महात्माओ से आशीर्वाद लिया । इस दौरान उनकी बैठने का तरीका कुछ ऐसा था जैसे नमाज के लिए बैठे हो । सोशल मीडिया में यह फोटो आते ही लोगों ने कमेंट शुरू कर दिए । बांदा में उन्होंने मौलाना हजरत रब्बानी का आशीर्वाद लिया । मौलाना ने आयतें पड़कर राहुल के सर पर फूंक मारकर आशीर्वाद दिया । अपने इस बुंदेलखंड के दौरे के दौरान वे स्वतन्त्रता सेनानियों के परिवार से भी मिले , स्थानीय और राष्ट्रीय महापुरषो और योद्धाओ की प्रतिमाओ पर माल्यार्पण भी किया । महोबा में आल्हा ऊदल की , झाँसी में महरानी लक्ष्मी बाई , झलकारी बाई और चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमाओ पर तो मध्य प्रदेश के हरपालपुर में नेहरू जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया । आम तौर पर कार्यकर्ताओ से दूरी बनाये रखने वाले राहुल गांधी इस बार कार्यकर्ताओ से घुल मिल जाने का प्रयास करते रहे ।

चित्रकूट ,बांदा ,महोबा , मऊरानीपुर ,झाँसी के रोड शो और खाट सभा में राहुल के निशाने पर इस बार बीजेपी ,बीएसपी और समाजवादी पार्टी थी । खाट सभा में किसानों से फ़ार्म भी भरवाए जा रहे हैं जिसमे किसान से नाम ,पता और कर्ज की राशि की जानकारी ली जा रही है । राहुल गांधी लोगों को बताते हैं की कांग्रेस कार्यकर्ता ये फ़ार्म भरवाकर मुझे देंगे , में इन फार्मो को पी एम् को देकर कर्ज माफ़ी की मांग करूँगा , यदि नहीं मानी गई तो सत्ता में आते ही दस दिनों के अंदर किसानों का कर्जा माफ़ कर दिया जाएगा । लंबे चोदे भाषण तो वे सभाओं में नहीं देते पर इस बार वे मोदी शैली में ही प्रधान मंत्री मोदी पर आक्रमण कर रहे हैं । वे लोगों से सवाल करते हैं ,अच्छे दिन आये क्या ? काला धन आया क्या ? खातों में पंद्रह पंद्रह लाख आये क्या ? एक लंबी सी चुप्पी होती है , शुरू होती है आरोपों की झड़ी , जो लगभग हर जगह एक समान होती है । किसानों की दुर्दशा के लिए उन्होंने तीनो को जिम्मेदार ठहराया ।

मोदी सरकार को पूजिपतियो की सरकार बताते राहुल आरोप लगाते हैं की मोदी सरकार ने देश के दस बारह उद्योगपतियों का एक लाख दस हजार करोड़ का कर्जा माफ़ किया है । यह राशि मनरेगा के लिए दिए जाने वाले तीन साल के बजट के बराबर है । वायदा किया गया था की दो करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा ,ढाई साल बाद भी किसी को नहीं मिला । किसान अपनी दाल दस रु किलो बेचने को मजबूर होता है और जब वही दाल बाजार में 140 रु किलो में खरीदना पड़ती है । दुनिया बाहर में पेट्रोल की कीमत गिरी हैं पर जनता से 66 रु प्रति लीटर वसूले जा रहे हैं । और यह सब केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण हो रहा है । बुंदेलखंड की बदहाली के लिए सपा ,बसपा और भाजपा को जिम्मेदार बताते हुए उन्होंने कहा की हाथी ने सब कुछ चर गया , सपा की साइकल का पहिया ही निकल गया । भाजपा पर झूठे वायदे करने का आरोप लाग्या । वे यह बताने से भी नहीं चूके की शीला दीक्षित जब दिल्ली की मुख्य मंत्री थी तो उन्होंने दिल्ली का नक्शा बदल दिया था । हमारी सरकार यहां सत्ता में आई तो प्लान नहीं करके दिखाएंगे । बुंदेलखंड के विकाश के लिए हमारी सरकार ने बुंदेलखंड के लिए स्पेशल पैकेज लेकिन यू पी और एम् पी सरकार सारा पैसा चट कर गई ।

राहुल गांधी खाट सभा में अधिकांशतः लोगों से सवाल जबाब ही करते रहे , सवाल जबाब का यह दौर कुछ लोगों तक ही सीमित रहा ,बाकी सब तमाश बीन बने रहे । उनमे से अधिकाँश इस चिंता में थे किसी तरह यह खाट उनके घर तक पहुंच जाए । हालांकि सवाल जबाब के इस दौर में चित्रकूट के बमरोहा गाँव की एक आदिवासी महिला मुन्नी बाई ने राहुल गांधी से पूंछा की बिजली तो चार घंटे भी नहीं मिलती , कई ऐसे लोग हे जिनके पास ना खेती की जमीन है और ना ही घर है ,? ऐसे में कर्ज माफ़ और बिजली हाफ का क्या करेंगे । राहुल यह सवाल सुन सन्न रह गए कहने लगे धुप बहुत तेज है मुझे आपके सवाल से पसीना आ गया है । सरकार बनने पर सब ठीक हो जाएगा ।

झांसी में राहुल गांधी को बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा । यहां के सर्किट हाउस में मोर्चा के अध्यक्ष बाबूलाल तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ता राहुल का विरोध करने पहुंचे । कार्यकर्ताओ ने नारे बाजी करते हुए कहा की सत्ता बनते ही बुंदेलखंड राज्य की मांग भूल जाते हैं । जबकि बसपा सरकार ने अलग बुंदेलखंड राज्य का प्रस्ताव पास कर दिया था किन्तु केंद्र सरकार ने इसपर कोई ध्यान नहीं दिया । सत्ता चली गई तो फिर बुंदेलखंड की याद आने लगी है । बुंदेलखंड को अब पैकेज नहीं राज्य चाहिए । इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस में धक्का मुक्की भी हुई ।

मुन्नी का यह सवाल ही बुंदेलखंड की हकीकत बयान करने के लिए काफी है । दरअसल बुन्देलखण्ड देश का एक ऐसा इलाका हो गया है जिसे दो राज्यों में बाँट कर राज्यों को इस इलाके के लोगों और यहां की खनिज , वन, पुरातत्व सम्पदा को लूटने का अधिकार मिल गया है । उत्तर प्रदेश में चुनाव हैं तो राज नेता घड़ियालू आंशू बुन्देलखण्ड के लिए बहा रहें हैं । राहुल खटिया लेकर आकर बता रहे हैं की हम सत्ता में आये तो किसानों का कर्जा माफ़ कर देंगे बिजली बिल हाफ कर देंगे । अखिलेश डिजिटल लोकतंत्र की बात कह रहे हैं वे 18 वर्ष से ज्यादा की उम्र और दो लाख से कम आय वालों को फ्री स्मार्ट फोन देने की बात कह रहे हैं । इस काम के लिए एक सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है , लोगों के रजिस्ट्रेशन का काम भी जल्द शुरू होगा \ आगे आगे देखिये और कौन कौन क्या क्या मुफ्त बांटता है । चुनाव के बाद बुंदेलखंड की दशा फिर जस की तस हो जायेगी , तब ना कोई वायदों की बरसात होगी और ना सुधार की गुंजाइस होगी । जो भी विकाश होगा वह बनने वाले मुख्य मंत्री के इलाके में होगा ?

By: रवीन्द्र व्यास

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