(Poem कविता) ओ अम्बर पथ पर जाने वाले


(Poem कविता) ओ अम्बर पथ पर जाने वाले


ओ :अम्बर पथ पर जाने वाले
पंछी बन इठ लाने वाले
लौट के फ़िर ना आने वाले
याद तुम्हारी आती है
नैनो में अश्रु लाती है
याद तुम्हारी आती है

ओ : नभ में ही बस जाने वाले
चंहु ओर अंधेरा लाने वाले
जलते दिये बुझाने वाले
याद तुम्हारी आती है
हमको बहुत रुलाती है
याद तुम्हारी आती है

ओ : वायु बन जाने वाले
बिन पूँछें उड़ जाने वाले
घर पर ही तोड़ के पिंजडा
धुर -विलोप हो जाने वाले
याद तुम्हारी आती है
हम सबको तड़ पाती है
याद तुम्हारी आती है

ओ : मेरे जीवन के किस्सा
मेरे अंगो का आधा हिस्सा
माँ भी तुझे बुलाती है
याद तुम्हारी आती है
याद तुम्हारी आती है

(रचनाकार - चंद्रहास पांडेय "चित्रकूट ")

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