दमोह जिले मै दम तोड़ता बीड़ी उद्योग (Damoh Jile Mai Dam Todata Beedee Udyog)

दमोह जिले मै दम तोड़ता बीड़ी उद्योग

01.jpgश्रमिको के दमन की लंबी दास्तान

बीड़ी उद्योग दमोह जिले में दम तोड़ता जा रहा है मध्यप्रदेश शासन के वन-श्रम व सहकारिता विभागों के आला अफसरों से लेकर अदना कर्मचारियों की उद्योगपतियों से सांठगांठ इसका एक प्रमुख कारण है तो स्वयं सरकार द्वारा  बीड़ी उद्यम के लिए  अनुकूल परिस्थितियां न रहने देना, दूसरा मुख्य कारण है परिणाम यह है कि बीते वर्ष में 7 से ज्यादा बीड़ी कारखाने बंद हो चुके है और हजारो मजदूरों जिनमें बड़ी तादात महिलाओ व बच्चों की है बेरोजगार हुए है वस्तुतः उद्योगपतियो व प्रशासनिक अमले रूपी दो पाटों के बीच श्रमिक हित ही निरन्तर प्रभावित है बावजूद बिडंबना यह है कि इन जख्मो पर मलहम लगाने या उसका निदान ढूढ़ने के लिए सामाजिक श्रमिक एवं राजनैतिक संगठनों ने कोई सुध नही ली है  हालत यह है कि

 

02.jpgबीड़ी निर्माता सैकड़ो श्रमिको को पैदा हुए विभिन्न रोगों के चलते बीते दशकों में काल कवलित हो चुके है तो हज़ारो बीमारियों के चुंगल में फंस सिसक रहे है मध्यप्रदेश में बीड़ी निर्माता कार्य एक प्रमुख आधार स्तम्भ है इस स्तम्भ के ढहते जाने में सक्षम नेतृत्व का अभाव होना एक महत्वपूर्ण कारण है सार्थक नेतृत्व के ना होने से बीड़ी श्रमिको के हित निरन्तर पार्श्व में जाते है और उनकी जो आवाज सड़क पर अपने हको के लिए गूंजना चाहिए वह उनके हलको में ही घुटती जा रही है बीड़ी श्रमिक चाहते है कि उनके वाजिब अधिकारों के लिए शासन व उद्योगपतियों से सीधी दोहरी लड़ाई छेड़े मगर कुशल नेतृत्व के आभाव में उनकी ललकार नक्काखनो में तूती होकर राह गई है । दमोह में उप तहसील पटेरा सहित कुल जमा 7 तहसील हटा, दमोह, पथरिया, तेंदूखेड़ा, जबेरा, पटेरा, बटियागढ़ है

 

03.jpgइतने ही विकासखंड (हटा, दमोह, पथरिया, तेंदूखेड़ा, जबेरा, पटेरा एवं बटियागढ़) है इन सभी इलाको में चप्पे-चप्पे पर बीड़ियां बनाई, बेची, खरीदी और वितरित की जाती है जिले के उच्च उद्योगपति वर्ग के एक हिस्से की यह अकूत कमाई का साधन है तो निम्न मध्यम वर्ग व निम्न वर्ग के जीवन मे आर्थिक आधार की धुरी है। यही कारण है कि जिले की चारो विधानसभा दमोह, हटा, पथरिया एवं जबेरा से जो भी राजनेता विजयी होते है उनके दावो और वादों में स्वाभाविक रूप से बीड़ी श्रमिको का हित समाहित रहता है बावजूद इसके दमोह जिले में बीड़ी श्रमिको की दुर्दशा देखकर रोंगटे खड़े हो जाते है

                                                                                     अनुराग गौतम दमोह 

 

 

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